संक्षिप्त परिचय
अमर त्रिपाठी (प्रचलित नाम गौरव त्रिपाठी) एक अनुभवी जनसेवक एवं समाजसेवी हैं, जिनका सार्वजनिक जीवन तीन दशकों से अधिक समय से जनहित और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा है। उनका जन्म स्थान मोहल्ला बजरिया, छिबरामऊ, जनपद कन्नौज (मामा का घर) है। वे मूल रूप से ग्राम चौसार, जिला हरदोई के निवासी हैं तथा वर्तमान में बनबारी नगर, छिबरामऊ, जनपद कन्नौज में निवासरत हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने B.Sc., LL.B. एवं MBA की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। प्रारम्भिक शिक्षा लक्ष्मीबाई स्कूल, छिबरामऊ से तथा हाईस्कूल से लेकर स्नातक स्तर तक की शिक्षा डीएवी कॉलेज, कानपुर से पूर्ण की। शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना ने उन्हें जनसेवा के मार्ग पर अग्रसर किया।
अपने जीवन लक्ष्य के रूप में उन्होंने अपने जन्मस्थान और क्षेत्र के नाम को देश एवं विश्व पटल पर पहचान दिलाने का संकल्प लिया। इसी उद्देश्य से वे बच्चों की शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में वे कम्प्यूटर सेंटर एवं विद्यालय का संचालन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
यहीं से जगी समाज सेवा की पहली चिंगारी
बचपन से ही समाज के बीच कुछ करने की भावना रखने वाले गौरव त्रिपाठी की सामाजिक यात्रा की शुरुआत सन् 1995 में हुई। दशहरे के दिन आवास विकास कॉलोनी, सेक्टर-3 के पार्क में बैठे बच्चे टीवी पर जलते रावण को देखकर उत्साहित थे। तभी एक किशोर ने आगे बढ़कर कहा—“चलो, हम खुद ही रावण बनाकर जलाते हैं।” यही छोटी-सी पहल आगे चलकर समाज से जुड़ने और लोगों को साथ लेकर काम करने की प्रेरणा बन गई।